86 वर्ष की आयु में सफल रिवीजन टोटल हिप रिप्लेसमेंट—फिर से चलने लगा मरीज

एक 86 वर्षीय बुजुर्ग मरीज, जिनकी कूल्हे की हड्डी के फ्रैक्चर की सर्जरी 2 महीने पहले अन्यत्र हुई थी, उसमें लगाया गया इम्प्लांट फेल हो गया तथा मरीज पूरी तरह बिस्तर पर आ गए थे। लगातार दर्द, चलने-फिरने में असमर्थता एवं बढ़ती निर्भरता के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी।

ऐसे जटिल एवं चुनौतीपूर्ण केस में असफल फिक्सेशन सर्जरी को सफल Revision Surgery के रूप में Total Hip Replacement (THR) में परिवर्तित किया गया। यह ऑपरेशन सराफ हॉस्पिटल, ग्वालियर में डॉ. अमन सराफ ऑर्थोपेडिक एवं स्पाइन सर्जन द्वारा सफलतापूर्वक किया गया।

विशेष बात यह रही कि यह पूरी सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क की गई।

✅ Failed fixation को सफल Revision Total Hip Replacement में बदला गया
✅ 86 वर्ष की आयु में जटिल Revision Hip Surgery सफलतापूर्वक संपन्न
✅ ऑपरेशन के अगले ही दिन सावधानियों के साथ मरीज को खड़ा एवं चलाया गया
✅ लंबे समय तक बेड रेस्ट की आवश्यकता नहीं
✅ जल्दी चलने-फिरने से बेड सोर, फेफड़ों के संक्रमण, कमजोरी एवं अन्य जटिलताओं से बचाव

यह केस दर्शाता है कि बढ़ती उम्र के बावजूद सही समय पर की गई Revision Total Hip Replacement Surgery बुजुर्ग मरीजों की गतिशीलता, आत्मनिर्भरता एवं जीवन की गुणवत्ता को पुनः स्थापित कर सकती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top